चंडीगढ़ | हर साल सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर बढ़ जाता है. पराली जलाने को वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण माना जाता है. बुधवार को हरियाणा में पराली जलाने के मामले पंजाब से ज्यादा आए. पंजाब में 12 मामले और हरियाणा में 18 मामले देखने को मिले। सेटेलाइट पर मौजूद आंकड़ों के आधार पर यह संख्या ज्यादा है. जब टीम मौके पर पहुंची तो पराली जलाने की घटना ट्रेस नहीं हो पाई. इस कारण यह संख्या रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई.
11 जिलों की हवा हुई ख़राब
हरियाणा में हवा भी खराब श्रेणी की हो चुकी है. 25 सितंबर की शाम तक एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होने से 11 जिले यलो जोन में दर्ज हो चुके हैं. 25 सितंबर तक प्रदेश में पराली जलाने के 17 मामले सामने आ चुके हैं. इसी अवधि के दौरान पंजाब में 92 मामले सामने आए हैं. बुधवार को जिन जिलों में पराली जलाने के मामले सबसे अधिक आए हैं, उनमें सबसे अधिक 31 मामले करनाल में मिले. इसके अलावा, अंबाला में 6, फरीदाबाद में चार, फतेहाबाद में दो, कुरुक्षेत्र में 16, रोहतक में दो, सोनीपत में 8, सिरसा- जींद और कैथल में एक- एक मामले सामने आए.
यहां की हवा हुई खराब
प्रदेश के 11 जिले ऐसे हैं, जिनकी हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई. बहादुरगढ़ में AQI 198, चरखी दादरी में 176, फरीदाबाद में 120, गुरुग्राम में 106, हिसार में 146, जींद में 120, कुरुक्षेत्र में 109, करनाल में 118, कैथल में 109, रोहतक में 112 और सिरसा में 106 दर्ज किया गया.
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